Just Married
रूठ के मुँह ना मोड़ियो
आँख मिलाई के बोल
पेंच पड़े ना बात में
मन के भेद को खोल
साँचा रिश्ता तभी चले
बीच में भेद ना होय
जीभ पे कड़वा लागे तो
सुर में अमरित घोल
साथ साथ ही पग मुड़ें
राह मुड़े जिस ओर
प्रेम पतंग चढ़ती रहे
थामे रखियो डोर
रहिमन धागा प्रेम का
मत तोड़ो चटकाय
टूटे से फिर ना मिले*
मिले गाँठ पड़ि जाय
-गुलज़ार
*टूटे तो फिर ना जुटे
जुटे गांठ पड़ि जाय
(अब्दुल रहीम खानखाना)
PS: I love Singapore Airlines.
आँख मिलाई के बोल
पेंच पड़े ना बात में
मन के भेद को खोल
साँचा रिश्ता तभी चले
बीच में भेद ना होय
जीभ पे कड़वा लागे तो
सुर में अमरित घोल
साथ साथ ही पग मुड़ें
राह मुड़े जिस ओर
प्रेम पतंग चढ़ती रहे
थामे रखियो डोर
रहिमन धागा प्रेम का
मत तोड़ो चटकाय
टूटे से फिर ना मिले*
मिले गाँठ पड़ि जाय
-गुलज़ार
*टूटे तो फिर ना जुटे
जुटे गांठ पड़ि जाय
(अब्दुल रहीम खानखाना)
PS: I love Singapore Airlines.


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